डॉक्टर बने कलयुग के जल्लाद,मौत बांट रहा उत्तर प्रदेश का अस्पताल
महत्वपूर्ण बिंदु :रमा देवी अस्पताल में हो रहा मुर्दा का इलाज, मर गई डॉक्टर की मानवता, अस्पताल को बनाया धंधे का अड्डा
आप लोगो ने मुर्दो का इलाज करते हुए फिल्मो में बहुत देखा होगा पर अब ये उत्तर प्रदेश के अस्पताल में संभव होने का नाटक किया जा रहा है
विवरण :
दरअसल यह घटना हापुड़ के रमा देवी अस्पताल की है, जहां एक मरते हुए मरीज का इलाज किया जा रहा था और ऐसा दिखावा किया जा रहा था जैसे वह जिंदा हो। उस अस्पताल के आईसीयू वार्ड में मरीज की लाश पड़ी थी और वहां एक व्यक्ति था जो सीपीआर दे रहा था, अब आप सोच रहे होंगे कि एक लाश को सीपीआर देना कैसे संभव है?
दरअसल गाजियाबाद के लोनी के रहने वाले बिनोद पिट की थैली के इलाज के लिए रामा देवी हॉस्पिटल आए हुए थे जेएनएचए उन्हें ऑपरेशन के लिए बोला गया, बिनोद 20 जून को हॉस्पिटल में ऑपरेशन के लिए एडमिट हुए उनके परिवार का कहना है कि ऑपरेशन से पहले बिनोद बिल्कुल ठीक थे,डॉ भूपेश ने दिनांक 21 जून को बिनोद के पित्ताशय की पथरी का ऑपरेशन किया लेकिन कुछ समय बाद बिनोद की हालत ख़राब हो गई उस आनन फ़ानन स्थिति में डॉक्टर ने मरीज को आईसीयू वार्ड में स्थानांतरित कर दिया तब तक बिनोद की मृत्यु हो चुकी थी, बिनोद की पत्नी के अनुसार डॉक्टर लगातार इलाज के लिए दवा ला रहे हैं और इलाज के लिए और पैसे जमा करने की मांग कर रहे थे, बहुत अधिक तब हो गया जब डॉक्टर ऑपरेशन के बाद भी विनोद के किसी भी परिवार के सदस्यों को उनसे मिलने नहीं दिया गया और डॉक्टर इलाज के नाम पर लगातर और पैसे की मांग कर रहे थे, डॉक्टरों के मनमानी से परेशान होकर जब उनकी पत्नी ने सारी बात अपने रिश्तेदार को बताया तो तुरतं ही उनके रिश्तेदारों का हॉस्पिटल पहुच गए और उन्होंने डॉक्टर से मरीज की स्थिति के बारे में पूछा तो डॉक्टर ने कहा कि वह जटिल स्थिति में है और डॉक्टर टीम में एक व्यक्ति था जो सीपीआर देने का नाटक कर रहा था जब मरीज के रिश्तेदार ने डॉक्टर की पोल खोली तो डॉक्टर ने इनकार कर दिया कि उसने कुछ नहीं किया आखिरकार डॉक्टरों की टीम ने कहा कि सारा पैसा जमा करा दो, तभी शव छोड़ा जाएगा

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें